Shero Shayari

Best Shero Shayari In Hindi.

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अजनबी बनके मिले थे ये दुनिया के सफ़र मे, ये यादो के प्यारे लम्हे कभी भूलेगे नही, अगर याद रखना आपकी फ़ितरत हे जानेमन, तो वादा हे आपसे के हम भी आपको भूलेगे नही.

आपकी निगाहो से काश कोई इशारा होता, ज़िंदगी मे मेरी जान जीने का सहारा होता, फ़ना कर देते हम हर बंधन ज़माने के, आपने एक बार दिल से पुकारा होता.

मुझे को अब तुझ से भी मोहब्बत नहीं रही, आई ज़िंदगी तेरी भी मुझे ज़रूरत नहीं रही, बुझ गये अब उस के इंतेज़ार के वो जलते दिए, कहीं भी आस-पास उस की आहट नहीं रही.

जिसे तुम इश्क़ करो वो मोहब्बत, जो तुम्हे इश्क़ करे उस का क्या, जिसके लिए तुम रोए वो मोहब्बत जो तुम्हारे लिए रोए उसका क्या, जिसके लिए तुम तड़पे वो मोहब्बत जो तुम्हारे लिए तड़पा उसका क्या, जिसे तुमने प्यार किया वो तुमको मिले और जिस को तुम ना मिले उसका क्या.

भुला कर दर्द-ओ-गम ज़िंदगी के इश्क़ के खुमार में जी लेंगे, बसा कर मोहब्बत का आशियाना यादों के हिसार में जी लेंगे.

तेरा साथ है तो मुझे क्या कमी है, तेरी हर मुस्कान से मिली मुझे खुशी है, मुस्कुराते रहना इसी तरह हुमेशा, क्योंकि तेरी इस मुस्कान में मेरी जान बसी है.

जीवन एक ल़हेर थी और आप साहिल थे, क्या मालूम कैसे आप हमारे काबिल थे, नही भूलेंगे उन हसीन लम्हो को, जिस दिन आप हमारी ज़िंदगी मे शामिल थे.

ज़िंदगी के सफ़र मे जब हमने इरादा किया, जब साथ चलने का उसने वादा किया, कुछ उनको पसंद ना आई वफ़ा की बाते, पर कुछ ऐतबार हमने भी ज़्यादा किया.

कलम थी हाथ मै लिखना सिखाया अपने, ताक़त थी हाथ मै होसला दिलाया अपने, मंज़िल थी सामने रास्ता दिखाया अपने, हम तो सिर्फ़ दोस्त थे, आशिक़ बनाया आप ने.

आपकी आरज़ू मे हमने बहारो को देखा, तेरे ख्वाबो मे हमने सितारो को देखा, हमे आपका साथ एक पसंद आया, वरना इन निगाहो ने तो हज़ारो को देखा.

उन्हे ये परेशानी हे के वो हर किसी को देखकर मुस्कुराते हे, वो नादान ये नही समजते के हमे हर चहेरे मे वो नज़र आते हे.

हम आपके दिल मे एक याद बनकर रहेंगे, तेरे चहेरे पे एक मुस्कान बनकर रहेंगे, हमे आपके करीब हे समजना ज़िंदगी मे, हम आपके साथ आसमान बनकर रहेंगे.

ज़िंदगी मे मोहब्बत उनसे ना मिले, जिनसे आप सच्चा प्यार करते हो तो, मोहब्बत आप उनको ज़रूर देना, जो आप से सच्चा करते हे.

क्यों खुश हो जाता हूँ मैं तुम्हारी खुशी देखके, क्यों हो जाता हूँ मैं हताश तुम्हें उदास देखके, चाहक सा उठता हूँ मैं क्यों जब मिलने की बारी आती हैं, पर क्यों मिलने बाद घंटो नींद नही आती हैं, आँखें बंद करने से क्यों याद तुम्हारी आती हैं पर जब खुलती हैं तो क्यों फिर तू सामने आती हैं, आनसो तेरे टपकते हैं तो मैं क्यों सिसकता हूँ ज़रा सी तू हस्ती हैं तो मैं क्यों निखरता हूँ, जब भी देखता हूँ तुम्हे बस यह सोचता हूँ पूछो तुमसे या तुमसे कहूँ रखूं दिल में ये बात या कह दूं सुन ज़रा बस इतना बता मैं ऐसा क्यों हूँ मैं ऐसा क्यों हूँ.

तमन्ना हो मिलने की तो, बाँध आँखों मे भी नज़र आएँगे, महसूस करने की कोशिश तो कीजिए, दूर होते हुए भी पास नज़र आएँगे.

शमा कहती है मूज़े बनाया किसने, जिस जिस के हाथ लगी मूज़े जलाया उसने, वो शमा क्या जिसे कोई जलाने वाला ना हो, वो इंसान ही क्या जिसे कोई चाहने वाला ना हो.