Pyar Bhari Shayari

Top Pyar Bhari Shayari In Hindi.

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खामोश सजी महफ़िल है जब, हुई चहल पहल परिंदो के मिलन की तो, मूहोब्बत को आना ही था.

मोहब्बत को रंगीन बताया था लोगों ने, देखो कितनी बेरंग सी मेरी यह जवानी है, कहते हैं लोग कभी मैं मुस्कुराता था मैं उनसे कहता हूँ वो बात पुरानी है.

हादसे ज़्यादा ज़िद्द मोहब्बत में, महबूब की महबूब ही सहे, वरना ज़िंदगी में किसीकि किसे पड़ी, नहीं होता कोई मेहरबान.

उस के दिल पेर भी कभी इश्क़ मैं गुज़री होगी, नाम जिस ने भी मोहब्बत का सज़ा रखा हे, संग हर शक्स ने हातून मैं उठा रखा हे जब से तूने मुझे दिवाना बना रखा हे.

किसी अजनबी की मोहब्बत ने मुझे दीवानाना बना दिया, पता ना था मोहब्बत का पागल पन इतना मीठा होता है.

खुदा मेरी ज़िंदगी में भी कोई चमत्कार कर दे, वो पूछते हैं की इस दौर में मोहब्बत किया, मैं अपनी राख उठाकर कहाँ-कहाँ घूमूं, तेरे बगैर मेरी ज़िंदगी की कीमत किया.

ज़िंदगी मेरी बन गयी है जन्नत जैसी, मोहब्बत की बारिश जो मुझपे बरसा के रखती है रात के अंधेरे भी जगमगा के रखते है, वो पगली आँखों मे काजल लगा के रखती है.

भर दे ज़िंदगी अपनी मिठास से, एसी बस एक मुस्कान मिल जाए,बन जाए जो यह ख्वाब हक़ीक़त, मोहब्बत को आशियाँ मिल जाए.

ना कर मोहब्बत किसी अंजान से, वो नही कम किसी अजनबी मेहमान से रोशनी जो अंश है, चाँद का होकर दूर है, उस से ओर तू मोहब्बत कर बैठा किसी गैर इंसान से.

मोहोब्बत क्या है ये क्यू हम किसिको बताए, ज़रा देखो सपने सपनो मैं आए मेरी जान सारे सपने अपने सच रहे.

छुपाते हैं हम चेहरे से उनकी बेपनाह मोहब्बत वो देख क मेहन्दी मेरी, मोहब्बत की इंतेहा जान लेते हैं.

बह जाए ना कही आसू बंद आँखो से, तेरी यादो मे खोने से डरता हू, बस एक हसीन दर्द सहता हू, तुझसे जो मोहब्बत में करता हू.

कब कौन चला है सफ़र मे दो कदम साथ, फिर जानकार सब, बनता तेरा दिल अनजाना कैसा, बनाकर चले हो महल राह-ए सफ़र मे, पर बिन मोहब्बत का खाली रहा आशियाना कैसा .

काश की मुझे मोहोब्बत ना होती, काश की मुझे तेरी आरज़ू ना होती, जी लेते यू ही ज़िंदगी को हम तेरे बिन काश की ये तड़प हमे ना होती.

उनकी मोहब्बत मे मेरी अनकही बातें, गुजर गई ना जाने कितनी रोते हुए रातें, फिर भी उन बातों को दिल भूल नही पता है.

है मोहब्बत हमे बेपनाह आपसे यह सच है, मगर दिल की बात आप से हम कभी कह पाते नही.