Mohabbat Shayari

Top Mohabbat Shayari In Hindi.

मोहब्बत सीख कर करना, के बिन सीखे मोहब्बत का सफ़र दुश्वार होता है, गिरेबान तार होता है, कभी इनकार होता हा कभी इक़रार होता है, मोहब्बत सीख कर करना.

मोहब्बत क्यूँ होती है, यह रात इतनी तन्हा क्यूँ होती है, किस्मत से अपनी सबको शिकायत क्यूँ होती है, अजीब खेल खेलती है यह किस्मत जिसे हम पह नही सकते उसी से मोहब्बत क्यूँ होती है.

इकरार में शब्दों की एहमियत नही होती, दिल के जज़्बात की आवाज़ नही होती, आँखें बयान कर देती हैं दिल की दास्तान, मोहब्बत लफ़्ज़ों की मोहताज़ नही होती.

हम वो आशिक़ है जो सुरत से नही सिरत से प्यार करते है, जिस पर जान हम अपनी नीसावार करते है, कहने को तो सभी आशिक़ कहते है, मगर हम वो आशिक़ है जो अपनी महबूब की इज़ात के खातिर हम अपनी मोहब्बत भी छुपा सकते है.

वो ज़िंदगी ही क्या, जिसमे मोहब्बत नही, वो मोहब्बत ही क्या, जिसमे यादे नही, वो यादे ही क्या,जिसमे तुम नही, और वो तुम ही क्या, जिसके साथ हम नही.

कहेने देती नही कुछ मूह से मोहब्बत तेरी, लब पर रह जाती हे आ के शिकायत तेरी.

माना की किस्मत पे मेरा ज़ोर नही, पर ये सच है के मोहब्बत मेरी कमज़ोर नही, तेरे दिल मे तेरी यादों मे शायद कोई ओर है, लेकिन मेरी हर सांस मे तेरे सिवा कोई ओर नही.

दिल पे क्या गुज़री वो अनजान क्या जाने, प्यार किसे कहते है वो नादान क्या जाने, हवा के साथ उड़ गया घर इस परिंदे का, कैसे बना था घोसला वो तूफान क्या जाने.

कैसी ये मोहब्बत की शुरुवत हुई है, खुद मुझसे जुड़ा आज मेरी ज़ात हुई है, जाता है उसी सिम्त मेरी सोच का धारा, जिस शख्स के हाथों से मुझे मात हुई है, फूलों की मोहब्बत ने मुझे दिन ये दिखाए, काँटों की चुभन शामिल-ए-हालत हुई है.

जब खामोश आँखो से बात होती है ऐसे ही मोहब्बत की शुरुआत होती है, तुम्हारे ही ख़यालो में खोए रहते हैं पता नही कब दिन और कब रात होती है.

शायर तो हम है शायरी बना देंगे, आपको शायरी मे क़ैद कर लेंगे कभी सूनाओ हमे अपनी आवाज़ आपकी आवाज़ को हम ग़ज़ल बना देंगे.

ज़िंदगी एक चाहत का सिलसिला है, कोई किसी से मिल जाता है तो कोई किसी से बिछड़ जाता है, जिसे हम माँगतें है अपनी दुआ में, वो किसी को बिना माँगे मिल जाता है.

तड़पति निगाहो ने हर वक़्त आपका दीदार चाहा, जैसे अमावस ने हर रात चाँद को चाहा, खुदा भी हमसे नाराज़ हो गये, जब हमने ज़िंदगी की हर दुआ मे उनका साथ चाहा.

न​ज़​रे​ मिले तो प्यार हो जाता है, पलके उठे तो इज़हार हो जाता हैं, ना जाने क्या कशिश हैं चाहत में, कि कोई अनजान भी हमारी,जिंदगी हक़दार हो जाता है.

इक शाम आती है, तेरी याद ले कर इक शाम जाती है तेरी याद ले कर, हुमको तो उस शाम का इंतेज़ार है जो आए तुम्हाइन अपने साथ ले कर.

जो है दिल मे बात कर तो देखो, चाहात को होतो पे लेकर तो देखो, सब कुछ मिल जयएंगा उसी पल, लेकिन मोहब्बत को एक बार जाता कर तो देखो.