Mohabbat Shayari

Top Mohabbat Shayari In Hindi.

बे इंतेहा महोब्ब्त हे आपसे बताऊ तो केसे, खफा हो आप हमसे मनोओ तो केसे, कुछ दिल से कहेना चाहते हे हम, मगर अल्फाज़ो नही है बया करू तो केसे.

दुख मे खुशी की वजह बनती है मोहब्बत, दर्द मे यादो की वजह बनती है मोहब्बत जब कुछ भी अच्छा नई लगता हमे दुनिया मे तब हमारे जीने की वजह बनती ह मोहब्बत .

तेरे शेर, तेरी दीवानगी का पता देते हैं कैसे कह दे कोई के तुम उसे अच्छे नही लगते करता नही जो क़द्र ऐसी पाक मोहब्बत की ऐसे दिल तोड़ने वाले मुझे अच्छे नही लगते .

कहाँ तलाश करोगे तुम मुझ जैसे एक शख्स को, जो तुम्हारे सितम भी सहे और तुम से मोहब्बत भी करे.

वो ज़िंदगी ही क्या जिसमे मोहब्बत नही, वो मोहब्बत ही क्या जिसमे यादें नही, वो यादें क्या जिसमे तुम नही, और वो तुम ही क्या जिसके साथ हम नही.

एहसास-ए-मोहब्बत के लिए बस इतना ही काफ़ी है, तेरे बगैर भी हम तेरे ही रहते हैं.

मेरी यादें बन कर , मेरे वजूद मे उतार कर मेरी नीदें चुरा कर, मेरा चैन छिपा कर मुझे मुझ से ही चुरा कर सोचा था किसी ने मोहब्बत की दस्तक दी है.

सामने ना हो तो तरसती है आँखें, याद मे तेरी बरसती है आँखेंमेरे लिए ना सही, इनके लिए ही आ जाया करो.. तुमसे बेपनाह मोहब्बत करती है यह आँखें.

है क्या यह मोहब्बत जिस में मैं जल गया हूँ, क्यूँ किसी मोम की तरहा आज मैं पिगल गया हूँ है दिल में थोड़ी आग, है बस थोड़ा सा पानी उफ़ यह कैसा सफ़र है जिस में निकल गया हूँ.

दिल कहता है क्यूँ ना मैं किसी से मोहब्बत कर लूँ,दिन का चैन खो दूं और रातों की नींदें छोड़ दूं.

कभी बारिश बरसती है तो मुझे को याद आता है वो, अक्सर मुझ से कहती थी मोहब्बत ऐक बारिश है.

सोचा ना था कभी शायरी करूँगा, पर तूने मजबूर कर दिया, भीड़ में कभी अकेला महसूस ना किया, पर तूने मजबूर कर दिया, सोचा ना था की कभी मोहब्बत करूँ, पर तूने मजबूर कर दिया.

मोहब्बत हर एक को मिले ज़रूरी तो नही, हम जिसे चाहे वो हमसे प्यार करे ज़रूरी तो नही, वो बहुत याद आ रहे हैं आज मुझे, हम भी उनकी याद बन जाए यह ज़रूरी तो नही.

ये शीशे, ये सपने, ये रिश्ते, ये धागे किस से क्या खबर है, कहाँ टूट जाएँ मोहब्बत के दरिया मे तिनके वफ़ा के ना जाने ये किस मोड़ पर डूब जाएँ.

मोहब्बत के भी कुछ अंदाज होते है, जागती आँखो के भी कुछ ख्वाब होते है, ज़रूरी नही के गम मे ही आँसू निकले, मुस्कुराती आँखो मे भी सैलाब होते है.

भटकता ही रहा ना जाने किस किस डगर ए तेरी चाहत की मंजिल पर आ ठहरा है , कोई कश्ती नहीं अब बचा सकती मुझे मोहब्बत का तेरी सागर इतना गहरा है .