Ishq Shayari

Best Ishq Shayari In Hindi.

तरसती नज़रों की प्यास हो तुम, तड़पते दिल की आस हो तुम, बुझती ज़िंदगी की सास हो तुम, फिर कैसे ना कहु?.. कुछ खास हो तुम.

आपके प्यार को सलाम किया हे, जीने का हर अंदाज़ आपके नाम किया हे, मांग लीजिये आज खुदा से कुछ भी, हमने अपनी हर मन्नत को आपके नाम किया हे.

निगाहो की ज़ीद हे आँखो से आंसु गिरने की, दिल की ज़ीद हे आपसे रिश्ता निभाने की, आपको ज़ीद हे अगर हमे भूलने की तो, हमे भी ज़ीद हे आपको अपनी याद दिलाने की.

मन में छुपे राज़ बताऊ कैसे, तुम्हे अपना करीब लावू कैसे, दिल के अरमान दिल में रेह न जाए कभी, चाहत अपनी तुज पर जताऊ भी तो कैसे.

हमारा दिल उनके लिए हे महेकता हे, ठोकर ख़ाता हे,दर्द सहेता हे और संभलता हे, किसी ने इस तरह से हमारे दिल पे काबू कर लिया के, दिल तो हमारा हे पर धड़कता उनके लिए हे.

हर बार दिल से ये पैगाम आए; ज़ुबाँ खोलूं तो तेरा ही नाम आए; तुम ही क्यूँ भाए दिल को क्या मालूम; जब नज़रों के सामने हसीन तमाम आए|

खुदा से पूछो हर पल आपके लिए दुआ माँगी हे, बहारो से पूछो आप के लिए ही फ़िज़ा माँगी हे, जब कभी हुई हे आप से ज़िंदगी मे ग़लती, तब हमने दुआ मे अपने लिए सज़ा माँगी हे.

दिल की किताब में गुलाब उनका था; रात की नींदों में ख्वाब उनका था; कितना प्यार करते हो जब हमने पूछा; मर जायेंगे तुम्हारे बिना यह जवाब उनका था।

तेरी खुशी से नही गम से भी रिश्ता है मेरा, तू ज़िंदगी का एक अनमोल हिस्सा है मेरा, मेरी मोहब्बत सिर्फ़ लफ़ज़ो की मोहताज़ नही, तेरी रूह से रूह का रिश्ता है मेरा !!

रंगीं नज़रें तू डाल दे मुझपे कि रूह रंगीन हो जाये, बाहरी रंग-ओ-जिस्म क्या अभी डाला और धो जाए. तर-व्-तर हों सभी तेरे जज्बात दिल-ओ-जिगर भी, हो ऐसी होली मेरी नज़रों से ये जहां रंगीन हो जाए. पाक आतिश की चमक-ओ-तपिश आये कुछ ऐसे, तेरे भीतर हों कि मेरे बदगुमानी सब ख़ाक हो जाए. तमन्ना ऐसी होली की मुल्क का बाशिन्दा रखता है, मिले सीने से जब सीना दोनों का दिल एक हो जाए. इल्तिजा है यही इस कमतरीन की परबरदिगार से, हों सब इंसान ऐसे नेक वतन मेरा बहिश्त हो जाए. तकाजा वक्त का है और ये मुमकिन भी होगा अब, और कुछ हो न हो नया बस आदमी इंसान हो जाए. न हो ख्वाहिश अधूरी और न बाकी तिश्नगी कोई? प्यास मिट जाए रूह की कोई ऐसा जाम हो जाए. नया अगला सबेरा हो सचाई और सादगी के साथ, बजूदे खास रोशन हो ऐसे कि अली पुरनूर हो जाए

जब से तूने मुझे दीवाना बना रखा है; संग हर शख्स ने हाथों में उठा रखा है; उसके दिल पर भी कड़ी इश्क में गुजरी होगी; नाम जिसने भी मोहब्बत का सज़ा रखा है!

चाहते है जो हद से ज़्यादा किसी को, वो ही तो सब से ज़्यादा तकरार करते है, करो ना फिकर अगर वो नाराज़ हो जाए, नाराज़ होते है वोही जो सब से ज़्यादा प्यार करते है.

आपको दिल मे और दुनिया को भुलाए रखती हू, कोई तुम्हे मेरी आँखो मे देख ना ले, इस वजह से निगाहो को झुकाए रखती हू.

आँखों में हया हो तो पर्दा दिल का ही काफी है; नहीं तो नक़ाब से भी होते हैं, इशारे मोहब्बत के।

कुबूल हमने कर लिया आज प्यार का पैगाम, होगा सो देखा जायेगा आज इश्क़ का अंजाम.

वो मुस्कुराकर मिले तो इश्क़ समज बैठे हम, उनकी उलफत को इज़हार समज बैठे हम, हमारा नसीब बहोत आच्छा तो नही था, खुद को उनके मोहब्बत का हक़दार समज बैठे.