Dosti Shayari

Latest Dosti Shayari In Hindi.

दोस्तों की महफ़िल सजे ज़माना हो गया, लगता है जैसे खुल के जिए ज़माना हो गया, काश कहीं मिल जाए वो काफिला दोस्तों का, वो लम्हें बिताए ज़माना हो गया.

वो दोस्तों की महफ़िल, वो मुस्कराते पल, दिल से जुदा नही अपना बीता हुआ कल, कभी ज़िंदगी गुज़रती थी वक़्त बिताने में, आज वक़्त गुज़रता है ज़िंदगी बिताने में.

वक़्त और खुशी तेरे गुलाम होंगे, हर पल और पहलू तेरे ही नाम होंगे, ज़रा मूड कर देखना मेरे दोस्त, तेरे हर कदम के नीचे मेरे हाथो के निशान होंगे .

बेशक कुछ वक़्त का इंतेज़ार मिला हमको, पर खुदा से बढ़कर यार मिला हमको, ना रही तम्माना किसी जन्नत की, ए दोस्त तेरी दोस्ती से वो प्यार मिला हमको.

दिलों को खरीदने वाले हज़ार मिल जाएँगे, तुमको दागा देने वाले बार-बार मिल जाएँगे. मिलेगा ना तुमको हम जैसा कोई, मिलने को तो दोस्त बेशुमार मिल जाएँगे.

लोग कहते हैं ज़मीं पर किसी को खुदा नहीं मिलता, शायद उन लोगों को दोस्त कोई तुमसा नहीं मिलता.

उलझन अगर है तो हुमसे ना छुपाना. साथ ना दे ज़ुबान तो आँखो से बताना, हर कदम पर साथ है हम आपके, दोस्त बनाया है तो हक़ ज़रूर जताना.

हर आँसू का मतलब गम नही होता, दूरिया होने से रिश्ता ख़तम नही होता, हर वक़्त आती हे आपकी क्यू की, दोस्तो की यादो का कोई मौसम नही होता.

हमने कभी दोस्ती को जाना ना होता, अगर हमारी ज़िंदगी मे आपका आना ना होता, यूही गुज़र देते ज़िंदगी को अगर आपको अपना प्यारा दोस्त माना ना होता.

दिल से दिल कभी जुदा नही होते, यू ही हम किसी पे फिदा नही होते, मोहब्बत से बढ़कर तो दोस्ती का रिश्ता हे, क्यू की दोस्त कभी बेवफा नही होते.

मोहब्बत एक शिकवा हे तो दोस्ती एक जस्बा हे, मोहब्बत मे हर बार धोका मिलता हे, और दोस्ती मे बार बार मौका मिलता हे.

मुश्किल वक़्त मे जीना नही चाहते, दूर आपसे होकर अब रहेना नही चाहते, यू तो दोस्त हज़ारो हे इस दुनिया मे पर, आप जैसे दोस्त को खोना नही नही चाहते.

आज का हर एक पल खूबसूरत हे, मेरे दिल में सिर्फ तुम्हारी सूरत हे, कुछ भी कहे दुनियावाले कोई गम नहीं हे, दुनिया से ज्यादा आज तेरी दोस्ती कि ज़रूरत हे.

ये दोस्ती तो सिर्फ़ एक इत्तिफ़ाक़ हे, पर ये तो दो दिलो की मुलाक़ात हे, दोस्ती नही देखती के ये दिन हे की रात हे, इसमे तो सिर्फ़ वफ़ादारी ओर जज़्बात हे.

जब तन्हा था भारी भीड़ मे, तब सोचा कोई नही अपना तक़दीर मे, एक दिन ज़िंदगी मे आप मेरे दोस्त बने, तब लगा के कुछ ख़ास था हाथो की लकीर मे.

दोस्ती कि वजा नही होती, दोस्ती कि सज़ा नही होती, यारी में होती हे इमान्दारी, यारी में दुनियदारी नही होती, यार जान से प्यारा होता हे, यार से जान प्यारी नही होती.