Dard Bhari Shayari

Dard Bhari Shayari In Hindi.

आपकी एक आवाज़ सुन ने को तरसता हे दिल, हर पल जुदाई मे तड़प्ता हे दिल, ना जाने कब नज़र के सामने आएगे वो, इस उम्मीद पे हर पल धड़कता हे दिल.

समजते थे हम उनकी हर एक बात को, वो हर बार हमसे धोका देते थे, पर हम भी वक़्त के हातो मजबूर थे, जो हर बार उनको मौका देते थे.

तूफान दर्द का चला तो सवार जाऊंगा, मे तेरी जुल्फ नही जो यू बिखर जाऊंगा, यहा से उड़ूँगा तो ये ना पूछो के कहा जाऊंगा, मे तो दरिया हू दोस्तो समुंदर मे समा जाऊंगा.

तुम्हारी यादो के टुकड़े चुनकर, गुज़रे लम्हो की एक तस्वीर बना लू, मेरी हर एक खुशी तुम्हारे नाम लिख कर, तुम्हारे दर्द की अपनी तक़दीर बना लू.

जिनकी आँखे आँसू से कभी नम नही, तुम्हे क्या लगता हे उनको कोई दर्द नही, तुम तड़प के रो पड़े तो क्या हो गया, दर्द छुपा के हसनेवाले भी कुछ कम नही.

वो बहोत रोई और कहती रही के नफ़रत हे तुमसे, लकिन एक सवाल आभी भी दर्द बनकर बना हे, के अगर मुजसे नफ़रत हे थी तो, वो इतना रोई क्यू.

Kabhi ye mat sochna yaad ni karte tumhe, subah ki pehli aur sham ki akhiri soch ho tum.

प्यार में आँखों तो दिल कि जुबां होती हे, पर सच्चा प्यार तो सदा बेजुबान होता हे, प्यार में दर्द भी मिले तो कोई परवाह नहीं करते, सुना हे दर्द से चाहत और भी जवान होती हे.

ना होता दर्द तो ये आंशु की कीमत ना होती, अगर ना होती मोहब्बत इस दुनिया मे, तो ज़िंगगी जीने की चाहत ना होती, और ना बंद आँखो को सपनो की आदत होती.

मेरी मोहब्बत में कभी दर्द नहीं था, पर दिल मेरा कभी बर्बाद नहीं था, होती रही मेरी आँखों से आंशु के बरसात, पर उनके लिए आँशु और पानी में फर्क नहीं था.

खुदा से थोडा रहेंम खरीद लेते, आपके ज़ख्मो का मरहम खरीद लेते, अगर कभी बिकती खुशिया मेरी, तो सारी बेचकर आपका गम खरीद लेते.

पास आकर दूर चले जाते हो, हम अकेले हे और अकेले ही रह जाते हे. दिल का दर्द कहे भी तो कैसे कहे, हमारे अपने ही हमे ज़ख्म देके चले जातें हे.

ना करो किसी से मोहब्बत ज़िंदगी मे इतनी, मोहब्बत का दर्द कभी से नही पाएगा, जब टूटेगा दिल कोई अपने किसी के हाथो से, किस ने तोड़ दिया ये भी किसी से कह नही पाएगा.

इस दिल की ख्वाहिश को नाम क्या दू, मोहब्बत का उनको पैगाम क्या दू, इस दिल मे दर्द नही यादे हे उनकी, अगर यादे मूज़े दर्द दे तो इल्ज़ाम क्या दू.

याद मे हमारी आप भी खोए होंगे, खुली आँखो मे कभी आप भी सोए होंगे, माना की हसना है अदा गम छुपाने की, पर हस्ते-हस्ते कभी आप भी रोए होंगे.

एक बार फिर अपने दर्द को हसी मे छुपा रहे हे, खुश हे ये तन्हाई मे ये भी सबको बता रहे हे, ना जाने क्यू ये आँखे हर वक़्त बेवफा हो जाती हे, जो की हर आँसू मे उनकी यादे जाता रही हे.