Dard Bhari Shayari

Dard Bhari Shayari In Hindi.

गीली आँखों से उनके मैं थोड़ा पानी लाया हूँ, धड़कते दिल से उनके साँसों की रवानी लाया हूँ, और लाया हूँ कुछ एहसास उन आँखों से चुरा के सुनाने, महफ़िल में मोहब्बत की कहानी लाया हूँ.

तुमको छुपा रखा है इन पलको मैं, पर इन को यह बताना नही आया, सोते मैं भीग जाती है पलके मेरी, पलकों को अभी तक दर्द छुपाना नही आया.

गहरी थी रात, लेकिन हम खोए नही, दर्द बहूत था दिल में, लेकिन हम रोए नही, कोई नही हमारा जो पूछे हमसे, जग रहे हो किसी के लिए, या किसी के लिए सोए ही नही.

वफ़ा के वादे वो सारे भुला गयी चुप चाप, वो मेरे दिल की दीवारें हिला गयी चुप चाप .

शायद इस दिल को आराम मिले अब मैं सिर्फ़ यही सोच के आया हूँ मेरे टूटे दिल के टुकड़ों को, मैं हाथों में उठा के लाया हूँ .

मुझे दफनाने से पहले मेरा दिल निकाल कर उसे दे देना मैं नही चाहता के वो खेलना छोङ दे, हजारों चहरो मे तेरी मोहब्बत मिली मुझको पर दिल की जिद थी की तू नही तो तुझ जैसा भी कोई नही.

कहते है प्यार की सचाई दर्द है, मायूसी है इस दर्द मे जिया, तो सच मे जिया, ज़िंदगी मे कुछ किया.

खाए हैं बहुत धोखे हुमने, बहाएँ हैं बहुत आँसू हुमने, दर्द का रिश्ता कुछ ऐसा है हमसें , की दर्द को सीने से लगाया हुमने .

तुम रहो आँखों के सामने तो गीत कोई अधूरा रहता नही, जज़्बात बहते रहते हैं और तुम खुद ग़ज़ल बन जाती हो, लोग कहते है की मोहब्बत मे सिर्फ़ दर्द ही मिल पाता है, सच तो है की तुम मेरे हर दर्द की दावा बन जाती हो.

दिल जब टूटता है तो आवाज़ नही आती, हर किसी को दोस्ती रास नही आती, यह तो अपने अपने नसीब की बात है, कोई भूलता ही नही और किसी को याद ही नही आती.

कच्चे धागे सा इक झटके मे टूट जाए, ऐसा दिल मुझे मिला है, उस पर हर गहरा दर्द भी मुझे अपनो से मिला है, जब-जब बनाना चाहा है किसी को अपना, तोहफे मे बक्शी गयी मुझे बस जुदाई और रुसवाई है, क्या हुआ जो आज फिर संग मेरे तन्हाई है.

ऐसे दीवानेपन का इलाज़ कोई करे तो करे कैसे, डूब के दर्द के समुंदर मे कोई प्यार करे कैसे, जिसके किस्मत मे सिवाए घूम के कुछ भी नही है, तुम्हारे लिए खुशियों का महल खड़ा करे कैसे.

कभी दर्द इसने दिया कभी दर्द उसने दिया, ज़ख़्मों को मगर किसी ने भी सीने नही दिया, आज फरिश्ता कहते हैं सभी मेरे यार मुझको, मगर इंसानो की तरह कभी जीने नही दिया .

उसे गलियों मे, चौबारों मे पागलों की तरहा ढूंढता रहा ना मिली मुझे कहीं, जाने कहाँ छिपती छिपाती रही मैं दीवाना उसको याद करके , उससे दूर बस तड़प्ता रहा वो दूर कहीं बैठ के मेरा दर्द देख बस मुस्कुराती रही.

लोग तो अपना बनाके छोड़ देते है कितनी आसानी से गैरो से रिश्ता जोड़ लेते है , हम तो एक फूल तक न तोड़ सके कुछ लोग बेरहमी से दिल तोड़ देते है।

प्यार और बारिश- दोनो एक जैसे होते है, वो हमेशा यादगार होते है, फ़र्क सिर्फ़ इतना है की बारिश साथ रह कर तन भिगाती है, और प्यार दूर रहकर आँखे.