Dard Bhari Shayari

Dard Bhari Shayari In Hindi.

मोहब्बत का तो यही दस्तूर होता है, हर एक ज़ख़्म बंन कर नसूर होता है.. जो डूबते है इश्क़ मे उन्हे मिलता है सिर्फ़ दर्द. रोते है वो हर वक़्त,मगर रोने से ना दर्द दूर होता है.

दर्द का एहसास ना रहा गम था जो , कुच्छ ख़ास ना रहा हम भी किसी से मिलने को तड़प जाएँगे मालूम ना था. हम भी मुहब्बत कर जाएँगे मालूम ना था.

निकलके उन्ही के दिल से हम महफ़िल मे आ बैठे हे, हमारी मुश्किल ये हे की बड़ी मुश्किल मे आ गये हे, लड़खड़ाने लगे हे पैर उनकी बेवफ़ाई की चोट से, पर लोग कहेते हे पी के सारी महफ़िल मे आ गये हे.

लोग मिला करते हे ज़िंदगी मे दिल को दर्द देने के लिए, वो भी आए थे दिल की कहानी सुनने के लिए, वो हवाओ की तरह रुख़ बदलते रहे, हम तक़दीर से लड़ते रहे जिनको पाने के लिए.

दिल को उसकी हसरत से खफ्फा कैसे करू, अपने रब को भूल जाने की ख़ाता कैसे करू, लहू बनकर राग राग मे बस गया है वो लहू को इस जिस्म से ज़ुदा कैसे करू.

बंधीशो में, उस तड़पति हुई आत्मा का क्या कसूर, दिल्लगी की एस दिल ने तो, एन आँसूऊ का क्या कसूर.

खुशियो से नाराज़ है मेरी ज़िंदगी, प्यार की मोहताज़ है मेरी ज़िंदगी, हंस लेता हू लोगो को दिखाने के लिए, वरना दर्द की किताब है मेरी ज़िंदगी.

देखा पलट के उस ने चाहत उसे भी थी, दुनिया से मेरी तरहा शिकायत उसे भी थी, वो रोए थे मुझे परेशान देख कर, उस दिन पता चला मेरी ज़रूरत उसे भी थी.

अब तेरे बिना अकेले रहने को जी करता है, खामोशी से दर्द पीने को जी करता है.

दिल की ख्वाइश को नाम क्या दू, प्यार का उसे पैगाम क्या दू, इस दिल मे दर्द नही उसकी यादे है, अब यादे ही दर्द दे तो उसे इल्ज़ाम क्या दू.

कहानी दर्द की हम ज़िंदगी से क्या कहते, ये दर्द उसने दिए हैं उसी से क्या कहते. 

अगर कभी दिल में उठे कसक दर्द देने की, मुझको हमारी छेद धुन वही पुरानी मुझको रुला देना काँटा हूँ मैं, साथ रहूँगा तो चुभता रहूँगा तन्हा रहूं मैं उम्र भर दिल से मुझको दुआ देना.

आएँगे वो ज़रूर ये सोचकर इंतज़ार करता हू मे, ना आए अगर वो तो ख़यालोमे ही मिल लेता हू मे, मुस्कुराए वो तो खुश होता हू मे, दर्द ज़रसा भी हो उसे तो रोता हू मे.

उसकी ये ज़िद के वो मुझे मार डाले दर्द देकर और मेरी ये ज़िद है के मैं उसपे मरता चला गया

सब कुछ अपना लूटा ते रहे तेरी चाहत में, ज़िंदा हैं तुझ पे ये दिल लुटाने के बाद भी. समंदर ए तन्हाई में डूबा ही रह गया मैं, प्यार में तुम से दिल लगाने के बाद भी.

गीली आँखों से उनके मैं थोड़ा पानी लाया हूँ, धड़कते दिल से उनके साँसों की रवानी लाया हूँ, और लाया हूँ कुछ एहसास उन आँखों से चुरा के सुनाने, महफ़िल में मोहब्बत की कहानी लाया हूँ.