Bewafa Shayari

Top Bewafa Shayari In Hindi.

Buddy Talk APP

मोहब्बत करे तो लगता हे जैसे, मौत से भी बड़ी ये एक सज़ा हे जैसे, किस किस से शिकायत करे हम, जब अपनी हे तक़दीर बेवफा हो.

आपके प्यार ने दिया सुकून इतना, के आपके सिवा ना कोई प्यारा लगे, बेवफ़ाई करनी हे तो इस तरह से करना, के आपके बाद कोई बेवफा ना लगे.

तेरे होने पर भी खुद को तनहा समझूँ में बेवफा हु के तुजे बेवफा समझूँ. तेरी बेरुखी से वक़्त तो गुज़र गया हें मेरा यह खुद्दारी हें तेरी या तेरी अदा समझूँ. तेरे बाद क्या हाल हुआ हें मेरा ये तेरी इनायत हें या समझूँ. ज़ख़्म देती हो और मरहम भी लगाती हो यह तेरी आदत हें या तेरी अदा समझूँ

जब से एक बेवफा का हमारे दिल मे बसेरा हो गया, दिल तो दिल था पर मेरा साया भी हमसे दूर हो गया. भरोसा था प्यार से रोशन होगी ज़िंदगी मेरी, उस बेवफा ने ऐसा धोखा दिया के ज़िंदगीभर अंधेरा हो गया.

मोहब्बत करे तो लगता हे जैसे, मौत से भी बड़ी ये एक सज़ा हे जैसे, किस किस से शिकायत करे हम, जब अपनी हे तक़दीर हे बेवफा हो.

आकाश मे डूबा एक प्यारा तारा हे, हमको तो किसी की बेवफ़ाई ने मारा हे, हम उनसे अब भी मोहब्बत करते हे, जिसने हमे मौत से भी पहेले मारा हे.

बेवफ़ा कहने से क्या वो बेवफ़ा हो जाएगा, तेरे होते इस सिफ़त का दूसरा हो जाएगा.

आज आचनक तेरी याद ने हमको रुला दिया, क्या करे जो तुम ने मुजको भुला दिया, ना करते आपसे वफ़ा और ना मिलते ये सज़ा, मेरी हे वफ़ा ने तुज़े बेवफा बना दिया.

तेरे होने पर भी खुद को तनहा समझूँ में बेवफा हु, के तुजे बेवफा समझूँ, तेरी बेरुखी से वक़्त तो गुज़र गया हें मेरा यह खुद्दारी हें, तेरी या तेरी अदा समझूँ तेरे बाद क्या हाल हुआ हें, मेरा ये तेरी इनायत हें या समझूँ ज़ख़्म देती हो और मरहम भी लगाती हो यह तेरी आदत हें या तेरी अदा समझूँ.

मोहब्बत करके देखि तो मोहब्बत को पहचान लिया, वफ़ा सिर्फ नाम कि बात हे ये सिर्फ बेवफाई का फ़साना हे.

हँसी कि राह् में गम मिलें तो क्या करे, वफ़ा के नाम पर बेवफ़ा मिलें तो क्या करे. कैसे बचे ज़िंदगी में धोके बाजो से, कोई हँस के धोखा दे तो हम क्या करे.

जब मजबूरी मे कोई जुदा होता हे, तब ज़रूरी नही की वो बेवफा होता हे, आपकी आँखो मे आँसू ओ को देखकर, चुप के से वो कही तुमसे ज़्यादा रोता हे.

हर दिन हर पल मेरी साँसे ख़तम हो रही हे, मेरा जीवन मौत की दहलीज़ पे सो रहा हे, वो बेवफा से जाके मत पूछो मेरी मौत की वजह, वो तो सिर्फ़ दुनियावालो को दिखाने के लिए रो रही हे.

मौत चाहते हे तो ज़िंदगी नाराज़ हो जाती हे, ज़हेर लेना चाहे तो वो दावा बन जाता हे, अब तू बता दोस्त हम क्या करे, जिनको भी चाहे वो बेवफा हो जाते हे.

ज़िंदगी की आप क्या बाते करते हो, यहा तो हमारी मौत भी हमसे नाराज़ हे, हम ताज महाल क्यू बनवाए, यहा तो मेरी मुमताज़ ही एक बेवफा हे.

किसी एक को दिल मे बसाना बुरा तो नही हे, किसी को दिल मे बसाना कोई ख़ता तो नही हे. अगर ज़माने की नज़र मे ये गुनाह हे तो, ज़माने वाले भी एक इंसान हे कोई खुदा तो नही.