Bewafa Shayari

Top Bewafa Shayari In Hindi.

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मिले हज़ारों हमें, एक नया इल्ज़ाम सही गमो के समुंदर में गम का इनाम सही किसीने पागल कहा, किसी ने कहा दीवाना बेवफा जो नाम दिया, अब तो यही नाम सही

तुमसे क्या शिकवा दोस्त बेवफ़ाई का, जब मुझसे मेरा नसीब ही रूठ गया, सच तो ये है दोस्त मे तो वो खिलोना हू, जो बदनसीब खेल ही खेल मे टूट गया.

हम तो जल गये उस की मोहब्बत में मोम की तरह, अगर फिर भी वो हमें बेवफा कहे तो उसकी वफ़ा को सलाम.

हमने अपनी सांसो पर उनका नाम लिख लिया, नही जानते थे की हमने कुछ ग़लत किया, वो प्यार का वादा हमसे करके मुकर गये, खैर उनकी बेवफ़ाई से कुछ तो सबक लिया.

अब तो गम सहने की आदत सी हो गयी है, रात को छुप - छुप रोने की आदत सी हो गयी है, तू बेवफा है खेल मेरे दिल से जी भर के हूमें तो अब चोट खाने की आदत सी हो गयी है .

दिल किसी से तब ही लगाना जब दिलों को पढ़ना सिख लो, वरना हसीन चेहरे तो एक ढूंढो लाखों मिलेंगे पर हर एक मे वफ़ादारी की फ़ितरत नही होती.

नही है हमको किसी से गीला इस बेवफा जमाने मे किसी ने दोस्ती छोडी , किस ने दिल तोड़ा किसी ने वादे तोड़े और किसी ने तनहा छोड़ा.

अगर मोहब्बत की तिजारत का इतना शोक़् है, ये बात भी जान लो वैसे , यहाँ वफ़ा का कोई मोल नही होता, और बेवफा बोहत अनमोल होता है..

पत्थर की पूजा कर बैठे हम अनजान थे, तुम्हारी हर आदत और बेवफ़ाई से नादान थे, तुम्ही ने बना दिया है हमे बेजान मूर्ति, वरना हम भी पहले किसी महफ़िल की जान थे..

बेवफा वो नही शायद हम ही खराब थे, ज़हर की ज़रूरत नही हम मर जाएँगे शराब से. कांटो का दर्द तो हमे महसूस ही नही हुआ, शायद बेपनाह प्यार था हमे उस नाज़ुक गुलाब से.

इश्क के इस दाग का एक बेवफा से रिश्ता है इस दुनिया में सदियों से आशिक का ये किस्सा है दर्दे-दिल की आग को कोई सागर क्या बुझाएगा दिलजला तो मौत के पहलू में जाकर ही बुझता है .

आरजू थी की तेरी बाँहो मे, दम निकले, लेकिन बेवफा तुम नही,बदनसीब हम निकले.

निकलके उन्ही के दिल से हम महफ़िल मे आ बैठे हे, हमारी मुश्किल ये हे की बड़ी मुश्किल मे आ गये हे, लड़खड़ाने लगे हे पैर उनकी बेवफ़ाई की चोट से, पर लोग काहेते हे पी के सारी महफ़िल मे आ गये हे.

सोचती हू इन सागर की लहरो को देखकर, क्यो वो किनारे से टकरा कर लौट जाती है, करती है ये किनारे से बेवफ़ाई, या सागर से वफ़ा निभाती है.

मोहब्बत करने वालो मे भी अक्सर ये सिला देखा हे, जिन्हे अपनी वफ़ा पे नाज़ था, उन्हे भी बेवफा देखा हे.

वफ़ा का नाम ना लिया करो, वफ़ा दिल को दुखती हे, हमसे वफ़ा का नाम लेते हे, एक बेवफा की याद आती हे.