Bewafa Shayari

Top Bewafa Shayari In Hindi.

When lover breaks the faith, it is difficult to get over, we are providing you some best collection of bewafa shayari in hindi, download the bewafa shayari images and share them with your girlfriend or boyfriend

वो बेवफा है उस वक़्त ये एहसास ना दिलाना उसको.

आंसूओ तले मेरे सारे अरमान बह गये जिनसे उमीद लगाए थे वही बेवफा हो गये, थी हूमे जिन चिरागो से उजाले की चाह वो चिराग ना जाने किन अंधेरो में खो गये.

सितारो को रोशनी की क्या ज़रूरत, ये तो खुद को जला लेते हे, आशिक़ो को वफ़ा की क्या ज़रूरत, वो तो बेवफा को भी प्यार कर लेते हे

मुझे डर है लोग बेवफा ना कह दें तुझे, मेरी मोहब्बत की दास्तान सबको सुनाती क्यूँ हो, लोग समझ ना लें मेरा कातिल तुझको, मेरा हाले दिल सबको सुनती क्यूँ हो.

साए को भी गवारा नही साथ अपने जिस्म का, बोझ आज साए से उतार जाने दो. हम याद रखेंगे वफ़ा का हर सबक, उनको बेवफ़ाई कर के भूल जाने दो.

कैसे समाजौ मैं अपने इस नादान दिल को, जो उससे भूल कर भी भूलना नही चाहता तड़प्ता रहता है, उस बेवफा की याद में जो उससे खो कर भी दूर होना नही चाहता.

वो सोचती है की क्या हुवा वो रिश्ता, क्यूँ टूट गया, मानती है हूमें बेवफा और याद मे हमारी रोती है, कभि इजहार किया नही मोहब्बत का उसने हमसे, मगर सीने से लगाके हमारी तस्वीर वो हर रात सोती है .

किस किस बेवफा से रु-बारू करायें, आपको जब हमारी पहली मोहब्बत ही बेवफा निकली.

क्या विश्वास नही तुम्हे हमारे विश्वास पे आज तुम फिर से ज़रा मेरी बातों पे एतबार तो करो, यूँ ना कहो मुझे बेवफा, मैं बेवफा नही हूँ तुम मेरी वफ़ा को ज़रा समझने की कोशिश तो करो.

गम के संजोके अच्छे लगते है, मुझे उमर भर के रोग अच्छे लगते हैं ना कर मुझ से वफ़ा की बाते मुझे बेवफा लोग अच्छे लगते हैं.

तू भी तो आइने की तरह बेवफा निकला,जो सामने आया उसी का हो गया.

वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी, मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी, उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना वो नादान है यारो अपना हाथ जला लेगी.

जिसके ख़ुशी के खातिर हमने अपनो से रिश्ता तोड़ दिया, वो बेवफा अपने नए रिश्तो के खातिर हमसे ही मुँह मोड़ लिया. 

उस बेवफा ने मुझे प्यार करके भी छोड़ दिया, मुझे अकेला कर तन्हाइयों से नाता मेरा जोड़ दिया, जब आई मौत अपनी तो उससे रहा ना गया, आया वो लाश पर मेरी ओर मुझे बिना जलाए ही छोड़ दिया

चुभ गयीं सीने में टूटी खावहिशों की किर्छियाँ, क्या लिखूं दिल टूटने का हादसा कसे हुआ जो रंग-ए-जान थी कभी मिलती है अब रुख़ फेर कर सोचता हूँ, इस क़दर वो बेवफा कैसे हुई.

ये कभी ना सोचा था तुमसे हमारी जूदा होगी, तुमसे दिल लगाने की सज़ा तुम मुझे ऐसे दोगी, हम तो आपकी वफ़ा पे ज़िंदा थे ये ना सोचा था कभी तुम सब से बड़ी बेवफा होगी.

मिले हज़ारों हमें, एक नया इल्ज़ाम सही गमो के समुंदर में गम का इनाम सही किसीने पागल कहा, किसी ने कहा दीवाना बेवफा जो नाम दिया, अब तो यही नाम सही

तुमसे क्या शिकवा दोस्त बेवफ़ाई का, जब मुझसे मेरा नसीब ही रूठ गया, सच तो ये है दोस्त मे तो वो खिलोना हू, जो बदनसीब खेल ही खेल मे टूट गया.

हम तो जल गये उस की मोहब्बत में मोम की तरह, अगर फिर भी वो हमें बेवफा कहे तो उसकी वफ़ा को सलाम.

हमने अपनी सांसो पर उनका नाम लिख लिया, नही जानते थे की हमने कुछ ग़लत किया, वो प्यार का वादा हमसे करके मुकर गये, खैर उनकी बेवफ़ाई से कुछ तो सबक लिया.

अब तो गम सहने की आदत सी हो गयी है, रात को छुप - छुप रोने की आदत सी हो गयी है, तू बेवफा है खेल मेरे दिल से जी भर के हूमें तो अब चोट खाने की आदत सी हो गयी है .

दिल किसी से तब ही लगाना जब दिलों को पढ़ना सिख लो, वरना हसीन चेहरे तो एक ढूंढो लाखों मिलेंगे पर हर एक मे वफ़ादारी की फ़ितरत नही होती.

नही है हमको किसी से गीला इस बेवफा जमाने मे किसी ने दोस्ती छोडी , किस ने दिल तोड़ा किसी ने वादे तोड़े और किसी ने तनहा छोड़ा.

अगर मोहब्बत की तिजारत का इतना शोक़् है, ये बात भी जान लो वैसे , यहाँ वफ़ा का कोई मोल नही होता, और बेवफा बोहत अनमोल होता है..