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चाँद को हर एक साक्ष् चाहता हे ये आम बात हे, मगर चाँद किसको चाहता हे ये ख़ास बात हे, ज़िंदगी मे जीने के लिए क्या ज़रूरी हे ये आम बात हे, मगर जी रहे हो किसके लिए ये ख़ास बात हे.

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Teri ummeed tera intezar jab se... Mir Taqi Mir Hindi Shayari

Teri ummeed tera intezar jab se hai, Na shab ko din se shikayat na din ko shab se hai.

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